Friday, May 3, 2019

जुंबिशें - - - दोहे

दोहे 
मानव-जीवन युक्ति है, संबंधों का जाल, 
मतलब के पाले रहे, बाकी दिया निकाल. 

مانو جیون یکتی ہے ، سمبندھوں کا جال 
مطلب کے پھانسے رہے ، باقی دیا نکال ٠
*

नादानों की सोच है ऐसा बने विधान,
वैदिक  युग में जा बसे अपना हिदुस्ताn.

نادانوں کی سوچ ہے ، ایسا بنے ودھان 
ویدک یوگ میں جا بسے ، اپنا ہدستان ٠


इंसानी तहजीब के मिटे हैं कितने रूप,
आज जिहादी हैं खड़े सर पे ताने धुप .

 انسانی تہذیب کے مٹے ہیں کتنے روپ 
 آج جہادی ہیں کھڈے سرپہ تانے دھوپ 

अल्ला को तू भूल जा, मत कर उसका ध्यान,
अल्ला की मखलूक का, पहले कर कल्यान.

الله کو تو بھول جا ، مت کر اسکا دھیان
الله کی مخلوق کا ، پہلے کر کلیاں ٠
*

सबसे अच्छी बात है, दुन्या हो महबूब,
अपने आप से प्यार कर, जीवन से मत ऊब.

سب سے اچھی بات ہے ، دنیا ہو محبوب 
اپنے آپ سے پیار کر ، جیون سے مت اوب ٠
*


6 comments:


  1. क्रिस्तानो इस्लाम की औलादें आबाद |
    गुलामि जिंदाबाद याँ आजादि मुर्दाबाद || ९ |

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  2. बाँट बखेरे करत पुनि ऐसो रचे बिधान |
    कहत पड़ौसी हिन्द को नूतन पाकिस्तान ||

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  3. जी नमस्ते,

    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल रविवार (05-05-2019) को

    "माँ कवच की तरह " (चर्चा अंक-3326)
    पर भी होगी।

    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    ....
    अनीता सैनी

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  4. जीवन से मत ऊब

    सुंदर

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  5. सुन्दर रचना

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