Thursday, April 25, 2019

जुंबिशें - - - क़तआत


 क़तआत
बांग ए नव 

रुख़ पे सूरज के चलो, साए को पीछे छोड़ो,
अपनी परछाईं से खेलो न, ज़रा मुंह मोड़ो,
न बदलने की क़सम खाई है, इसको तोड़ो,
नव सदी के नए पैग़ाम से रिश्ता जोड़ो.

رہنمائی

رُخ پہ سورج کے چلو ، ساۓ کو پیچھے چھوڑو 
اپنی پرچھائیں سے کھیلونہ ، ذرا مُنہہ موڑو 
نہ بدلنے کی قسم کھائی ہے ، اسکو توڑو 
نو صدی کے نیے پیغام ، سے رشتہ جوڑو ٠ 

*
बार ए ज़मीं 

हाथों में हैं दुआओं के कंगन जड़े हुए,
ये फावड़े कुदाल हैं, बेजाँ पड़े हुए,
क़हहारी और रहीमी की बेडी है पाँव में,
दिल में हैं खौ़फ़ व् ऐश के शैताँ खड़े हुए.

زمیں کے بوجھ

ہاتھوں میں ہیں دعا وں کے کنگن جڑے ہوئے 
یہ پھاوڑے کدل ہیں ، بے جاں پڑے ہوئے 
قہہاری اور رحیمی کی ، بیڑی ہے پانو میں 
دل میں ہیں خوف و عیش کے ، شیطاں کھڑے ہوئے ٠ 


मौत के राग 

तबलीग़ है कि मौत को हर वक़्त याद कर,
मैं कहता हूँ कि मौत की कोई ख़बर न रख,
इक लम्हा मौत का है, मुसलसल है ज़िंदगी,
हर रोज़ खुद सरी हो, तो हर रोज़ बे सरी.
तबलीग़=प्रचार 
*
زندگی بنام موت

تبلیغ ہے کہ موت کو ہر وقت یاد کر 
میں کہتا ہوں کہ موت کی ،  کوئی نہ ہو خبر
اک لمحہ موت کا ہے ، مسلسل ہے زندگی 
ہر روز خود سری ہو ، تو ہر شب ہو بے سری ٠ 

Wednesday, April 24, 2019

जुंबिशें - - - रुबाइयात


रुबाइयात
मज़हब है रहे गुम पे, दिशा हीन धरम हैं,
आपस में दया भाव नहीं है, न करम हैं,
तलवार, धनुष बाण उठाए दोनों,
मानव के लिए पीड़ा हैं, इंसान के ग़म हैं.

مذہب ہے رہِ گُم پہ ، دِشا ہین دھرم 
آپس میں دَیا بھاؤ نہیں ہے ، نہ کرم 
تلوار ، دھنُش بان ، اُٹھاۓ دونو 
مانَو کے لئے پیڑا ہیں ، اِنسان کے غم ٠ 
**
सच्चे को बसद शान ही, बन्ने न दिया
बस साहिबे ईमान ही, बन्ने न दिया
पैदा होते ही कानों में, फूँक दिया झूट
इंसान को इंसान ही, बन्ने न दिया.
बसद=१००%

بچّے کو بصد شان ہی بننے نہ دیا 
بس صاحب ایمان ہی بننے نہ دیا 
پیدا ہوتے ہی کان میں پھونک دیا جھوٹ 
اِنسان کو اِنسان ہی بننے نہ دیا .

***

ये लाडले, प्यारे, ये दुलारे मज़हब,
धरती पे घनी रात हैं, सारे मज़हब,
मंसूर हों, तबरेज़ हों, या फिर सरमद,
इन्सान को हर हाल में, मारे मज़हब.

یہ لاڈلے پیارے ، یہ دُلارے مذہب 
دھرتی پہ گھنے رات ہیں سارے مذہب 
منصور ہوں ، تبریز ہوں یا پھر سرمد 
انسان کو ہر حال میں مارے مذہب .

Monday, April 22, 2019

जुंबिशें - - - सना


सना1

तूने सूरज चाँद बनाया, होगा हम से क्या मतलब,
तूने तारों को चमकाया, होगा हम से क्या मतलब,
तूने बादल को बरसाया, होगा हम से क्या मतलब,
तूने फूलों को महकाया, होगा हम से क्या मतलब।

तूने क्यूं बीमारी दी है, तू ने क्यूं आज़ारी दी?
तूने क्यूं मजबूरी दी है, तूने क्यूं लाचारी दी?
तूने क्यूं महकूमी१ दी है, तूने क्यूं सालारी२ दी?
तूने क्यूं अय्यारी दी है, तूने क्यूं मक्कारी दी?

तूने क्यूं आमाल३ बनाए, तूने क्यूं तक़दीर गढ़ा?
तूने क्यूं आज़ाद तबअ४ दी, तूने क्यूं ज़ंजीर गढ़ा?
ज़न, ज़र, मय५ में लज़्ज़त देकर, उसमें फिर तक़सीर६ गढ़ा,
सुम्मुम,बुक्मुम,उमयुन७ कहके, तअनो की तक़रीर८ गढ़ा.

बअज़ आए तेरी राहों से, हिकमत तू वापस लेले,
बहुत कसी हैं तेरी बाहें, चाहत तू वापस लेले,
काफ़िर, 'मुंकिर' से थोडी सी नफ़रत तू वापस लेले,
दोज़ख़ में तू आग लगा दे, जन्नत तू वापस लेले.

शीर्षक =ईश-गान १-आधीनता २-सेनाधिकार ३-स्वछंदता ५-सुंदरी,धन,सुरा,६-अपराध ७-अल्लाह 8-क़ुसूर 
अपनी बात न मानने वालों को गूंगे,बहरे और अंधे कह कर मना करता है कि मत समझो इनको,इनकी समझ में न आएगा 

ثنا 

تو نے سورج چاند بنایا ، ہوگا ! ہم سے کیا مطلب 
تو نے تاروں کو چمکایا ، ہوگا ! ہم سے کیا مطلب 
تو نے بادل کو برسایا ، ہوگا ! ہم سے کیا مطلب 
تو نے پھولوں کو مہکایا ، ہوگا ! ہم سے کیا مرلب ٠

تو نے کیوں بیماری دی ہے ، تونے کیوں آزاری دی ؟
تو نے کیوں مجبوری دی ہے ، تو نے کیوں لاچاری دی ؟
تو نے کیوں محکومی دی ہے ، تو نے کیوں سالاری دی ؟
تو نے کیوں مکّاری دی ہے ، تو نے کیوں عیاری دی ؟

تو نے کیوں اعمال بناۓ ، تونے کیوں تقدیر گڑھی ؟
تو نے کیوں آزاد طبع دی ، تو نے کیوں زنجیر گڑھی ؟
زن زر مئے میں لذّت دیکر ، اس میں کیوں تقصیر گڑھی ؟
سُممُم بُکمُم اُمیُن کہکے ، تعنوں کی تقریر گڑھی ؟

بازآ ے تیری تکڑم سے ، حکمت تو واپس لیلے 
بہت کسی ہیں تیرے باہیں ،چاہت تو واپس لیلے 
کافر منکر مشرق سے، نفرت تو واپس لیلے 
دوزخ کو تو آگ لگا دے ، جنّت تو واپس لیلے ٠ 

Sunday, April 21, 2019

जुंबिशे - - - ग़ज़ल


ग़ज़ल 

तेरे मुबाहिसों का,ये लब्बो लुबाब है,
रुस्वाए हश्र* हैं सभी, तू कामयाब है.

आंखों पे है यक़ीन, न कानों पे एतबार,
सदियों से क़ौम आला$, ज़रा मह्व ए ख़्वाब है.  

दुन्या समर भी पाए, जो चूसो ज़मीं का ख़ून,
जज़्बा ज़मीं का है, तो यह हरकत सवाब है. 

अफ़सोस मैं किसी की, समाअत3 न बन सका,
चारो तरफ़ ही मेरे, सवालो जवाब है.

पुरसाने हाल बन के, मेरे दिल को मत दुखा,
मुझ में संभलने, उठने और चलने की ताब है.

दर परदा ए ख़ुलूस, कहीं सांप है छिपा,
'मुंकिर' है बूए ज़हर, यह कैसी शराब है.

रुस्वाए हश्र *=प्रलय के पापी $=इशारा मुसलमान ३-श्रवण शक्ति

تیرے مباحثوں کا یہ لب و لُباب ہے 
رُسواے حشر ہیں سبھی، تو کامیاب ہے٠ 

آنکھوں پہ ہے یقین، نہ کانوں پہ اعتبار 
صدیوں سے قومِ آلہ، ذرا محوِ خواب ہے٠ 

دنیا ثمر بھی پاۓ، جو چوسو زمین کا خون  
جزبہ شجر کا ہے، تو یہ حرکت ثواب ہے٠ 

افسوس میں کسی کا سماعت نہ بن سکا
چارو طرف ہی میرے، سوال و جواب ہے٠ 

پُرسا ن حال بن کے میرے دل کو مت دُکھا 
مجھ میں سنبھلنے،اٹھنے، سنورنے کی تاب٠ 

در پردہ خُلوص کہیں سانپ چھپا ہے 
منکر ہے بوۓ زہر، یہ کیسی شراب ہے٠ 

Friday, April 19, 2019

दोहे दोहे

दोहे 
गति से दुरगत होत है, गति से गत भर मान,
गति की लागत कुछ नहीं, गति के मूल महान।

گتی سے درگت ہوت ہے ، گتی سے گت بھر ماں 
گتی کی لاگت کچھ نہیں ، گتی کے مول مہان ٠
**

काहे हंगामा करे, रोए ज़ारो-क़तार,
आंसू के दो बूँद बहुत हैं, पलक भिगोले यार।

  کاہے ہنگامہ کرے ، روۓ زار و قطار 
آنسو کے دو بوند ہی ، پلک بھگویں یآڑ٠
***

मन को इतना मार मत , मर जाएँ अरमान ,
अरमानों के जाल में, मत दे अपनी जान 

من کو اتنا مار مت ، مر جایں ارمان 
ارمانوں کے جال میں مت دے اپنی جان 
****
चित को क़ैदी कर गई , लोहे की दीवार 
बड़ी तिजोरी में छिपी , दौलत की अंबार .

اس کو قیدی کر گئی ، لوہے کی دیوار 
بڑی تجوری میں چھپی ، دولت کی انبار ٠ 

*****
आओ पडोसी लड़ मरें हो उनका उद्धार ,
बड़े देश सब बेच लें काई लगे हथियार .
آؤ پڑوسی لڑ مریں ، انکا ہو ادھار 
بڑے  دیش سب بیچ  لیں، کائی لگے ہتھیار ٠

******

अम्रीका योरोप हैं जगे, जगे चीन जापान,
दीन धरम की नींद में, पड़ा है हिन्दुस्तान.

امریکہ یوروپ جگے ، جگا چین جاپان 
دین دھرم کی نیند میں ، پڑا ہے ہندوتان ٠

Thursday, April 18, 2019

मुस्कुराहटें


मुस्कुराहटें
1
डर डरा डर डर, डर डर डर 

है बाढ़ का, क़हत का, बड़े ज़लज़ला का डर,
पर्यावरण से दूषित, आबो-हवा का डर,
है कैंसर से, एड्स से, सब को फ़ना का डर,
राहों पे चलते फिरते, किसी हादसा का डर,
साँपों का, बिछुओं का, मुए भेड़िया का डर,
नेता, पुलिस, लुटेरे, गुरू, माफ़िया का डर,
इन सब से बच बचा के भी, बाकी बचा डर, 
शैतान, भूत, जिन्न ओ मलायक, खुदा का डर. 

ڈر ڈرا ڈر، ڈرڈرڈر 

ہے باڑھ کا ، قحط کا ، بڑے زلزلہ کا ڈر 
آلودگی میں ڈوبی ہوئی ، اب و ہوا کا ڈر
ہے کینسر سے ، ایڈس سے، برھتی قضا کا ڈر 
راہوں پہ چلتے پھرتے ، کسی حادثہ کا دار 
سانپوں کا ،بچھوؤں کا ، موے بھیڑیا کا ڈر 
نیتا ، پولیس ، لٹیرے ، گرو ، مافیہ کا ڈر 
ان سب سے بچ بچا کے، ابھی باقی بچا ہے 
شیطان و بھوت و جن و ملایک ، خدا کا ڈر ٠ 
*

Wednesday, April 17, 2019

क़तआत


क़तआत

वहमों के क़ैदी 
कुछ लोग ख़ुद में पाले हैं इक ऐसा जानवर,
हर वक़्त ख़ुद इन्हें ही जो घायल किया करे,
दिखला के सींग इनको सवाब ओ अज़ाब की,
कर जुंबिश ए हयात पे क़ायल किया करे.

وہموں کے قیدی 
کچھ لوگ خود میں پالے ہیں اک ایسا جانور 
ہر وقت خود انہیں ہی جو گھائل کیا کرے، 
دکھلا کے سینگ انکو ثواب و عذاب کی
ہر جنبشِ حیات پہ قائل کیا کرے٠ 


ग़ालिब ओ मग़लूब 

"नो दाई सेल्फ"कहता है बेदार मग़रिबी 
जिसको कि अहं कहता है, सोया ये मशरिक़ी
अंजाम कार दोनों की तारीख़ें देखिए
मग़रिब रहा सवार तो मशरिक़ सुपुरदगी. 
मग़रिबी=पश्चिमी , मशरिक़=पूरब 

غالب و مغلوب

نو دائی سلف، کہتا ہے ، بیدار مغربی 
جسکوکہ 'اہم' کہتا ہے ، سویا یہ مشرقی 
انجام کار دونوں کے تاریخیں دیکھئے 
مغرب بنا سوار ، تو مشرق سُپُردگی٠  


आक़बत के ताजिर 

ये दस्त ए नफ्स में बे ख़ाहिशी की ज़ंजीरें,
ये नीम ख़ुद कुशी में आक़बत की तदबीरें,
ख़ुदा के साथ ताल्लुक़ ये ताजिराना है,
अजब है तर्क ए तअल्लुक़ बग़रज़ जागीरें. 
दस्त ए नफ्स =रूह के हाथों , आक़बत=अंत 

عاقبت کے تاجر 

یہ دستِ نفس میں، بے خواہشی کی زنجیریں 
یہ نیم خود کشی میں، عاقبت کی تدبیریں 
خدا کے ساتھ تعلّق یہ تاجرانہ ہے
عجب ہے ترکِ تعیّش ، بغرض جاگیریں٠