Wednesday, April 17, 2019

क़तआत


क़तआत

वहमों के क़ैदी 
कुछ लोग ख़ुद में पाले हैं इक ऐसा जानवर,
हर वक़्त ख़ुद इन्हें ही जो घायल किया करे,
दिखला के सींग इनको सवाब ओ अज़ाब की,
कर जुंबिश ए हयात पे क़ायल किया करे.

وہموں کے قیدی 
کچھ لوگ خود میں پالے ہیں اک ایسا جانور 
ہر وقت خود انہیں ہی جو گھائل کیا کرے، 
دکھلا کے سینگ انکو ثواب و عذاب کی
ہر جنبشِ حیات پہ قائل کیا کرے٠ 


ग़ालिब ओ मग़लूब 

"नो दाई सेल्फ"कहता है बेदार मग़रिबी 
जिसको कि अहं कहता है, सोया ये मशरिक़ी
अंजाम कार दोनों की तारीख़ें देखिए
मग़रिब रहा सवार तो मशरिक़ सुपुरदगी. 
मग़रिबी=पश्चिमी , मशरिक़=पूरब 

غالب و مغلوب

نو دائی سلف، کہتا ہے ، بیدار مغربی 
جسکوکہ 'اہم' کہتا ہے ، سویا یہ مشرقی 
انجام کار دونوں کے تاریخیں دیکھئے 
مغرب بنا سوار ، تو مشرق سُپُردگی٠  


आक़बत के ताजिर 

ये दस्त ए नफ्स में बे ख़ाहिशी की ज़ंजीरें,
ये नीम ख़ुद कुशी में आक़बत की तदबीरें,
ख़ुदा के साथ ताल्लुक़ ये ताजिराना है,
अजब है तर्क ए तअल्लुक़ बग़रज़ जागीरें. 
दस्त ए नफ्स =रूह के हाथों , आक़बत=अंत 

عاقبت کے تاجر 

یہ دستِ نفس میں، بے خواہشی کی زنجیریں 
یہ نیم خود کشی میں، عاقبت کی تدبیریں 
خدا کے ساتھ تعلّق یہ تاجرانہ ہے
عجب ہے ترکِ تعیّش ، بغرض جاگیریں٠  

No comments:

Post a Comment